साँझ वैरागन डॉ. अभिलाषा सिंह का ऐसा गीत-संग्रह है, जिसमें जीवन के राग और विराग, प्रेम और विरह, आस्था और संघर्ष, करुणा और सामाजिक चेतना एक साथ स्पंदित होते हैं। संग्रह के तिरसठ गीत निजी अनुभूतियों की ऊष्मा से जन्म लेकर व्यापक मानवीय सरोकारों तक पहुँचते हैं। यहाँ आत्मवेदना केवल निजी नहीं रह जाती, बल्कि समाज, प्रकृति, राष्ट्र, नारी-अस्मिता, मानवीय मूल्यों और समय की विसंगतियों से संवाद करती दिखाई देती है।
| Author | अभिलाषा सिंह |
|---|---|
| Format | Hardcover |
| ISBN | 978-93-47306-28-0 |
| Language | Hindi |
| Pages | 112 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | गीत |



Reviews
There are no reviews yet.