मनोज अहसास, अहसास के शायर हैं। ग़ज़ल की समृद्ध परंपरा में इन्होंने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कर दी है। ये अपनी ग़ज़लों के माध्यम से मानवीय भावनाओं को गहराई से छूते हैं। शायद यही वजह है कि इनकी ग़ज़लें पाठकों के दिलों को छूने में सफल होती हैं। इनकी ग़ज़लें मुख्य रूप से इश्क़, जुदाई, जीवन की नश्वरता और आंतरिक संघर्षों पर केंद्रित हैं। कहना न होगा कि मनोज अहसास समकालीन ग़ज़लकारों में उन चुनिंदा रचनाकारों में शुमार हैं, जो क्लासिकल शैली को जीवंत रखते हुए अपने समय से जुड़ते हैं। ये अहसास की उस दुनिया को रचते हैं, जहाँ हर शेर एक आईना बन जाता है। उनकी ग़ज़लों में वह संवेदना झलकती है, जो जीवन के हर रंग को आत्मसात करती है।
| Author | मनोज अहसास |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-93-47306-47-1 |
| Language | Hindi |
| Pages | 100 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | ग़ज़ल |



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