अँधेरे में लोकतंत्र / रवि खण्डेलवाल

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(आपातकाल से सम्बंधित कविताओं का संग्रह)

25 जून 2025 को आपातकाल की घोषणा को 50 वर्ष पूर्ण हो गये हैं। यों तो आपातकाल की समाप्ति की घोषणा 21 मार्च 1977 को आधिकारिक रूप से कर दी गई थी, लेकिन इसका काला साया आज भी कांग्रेस के सर पर मंडराता रहता है। आपातकाल को आज भी भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काले धब्बे के रूप में देखा और जाना जाता है। ये अलग बात है कि देश में गाहे ब गाहे अघोषित आपातकाल घोषित आपातकाल से कहीं ज़्यादा त्रासदी भरा और दमनकारी दिखाई देता है। इसलिए इस संग्रह की रचनाएँ आज भी प्रासंगिक प्रतीत होती हैं। 
संग्रह को आपातकाल की समाप्ति के पश्चात 45-46 वर्ष पूर्व ही आ जाना चाहिए था किन्तु अपरिहार्य कारणों से मेरा एक भी संग्रह वर्ष 2022 से पूर्व न आ सका। अब जब संग्रहों के प्रकाशित होने का सिलसिला चल निकला है तो सोचा कि इस संग्रह के प्रकाशित होने का यही सबसे उपयुक्त समय है।

-रवि खण्डेलवाल

Author

Ravi Khandelwal

Format

Paperback

ISBN

978-93-49947-87-0

Language

Hindi

Pages

80

Genre

कविता

Publisher

Shwetwarna Prakashan

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