‘श्रम-साधक’ केवल एक दोहा-संग्रह नहीं, बल्कि श्रम, संघर्ष, संवेदना और सामाजिक न्याय का सशक्त काव्य-दस्तावेज़ है। यह कृति उन अनगिनत श्रमिकों, कारीगरों, किसानों, प्रवासी मज़दूरों, महिलाओं और बाल-श्रमिकों की अनकही पीड़ा को स्वर देती है, जिनके श्रम पर सभ्यता की भव्य इमारतें खड़ी हैं, किन्तु जिनका जीवन अक्सर उपेक्षा और अभाव से घिरा रहता है। लेखक डॉ. सोमनाथ शुक्ल ने अपनी लेखनी के माध्यम से श्रमिक वर्ग की पीड़ा, आत्मसम्मान और संघर्ष को साहित्यिक गरिमा प्रदान की है। प्रत्येक दोहे के साथ दिए गए भावार्थ और शब्दार्थ इस पुस्तक को सामान्य पाठकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा साहित्य-प्रेमियों के लिए समान रूप से उपयोगी बनाते हैं।
यदि आप सामाजिक सरोकारों से जुड़ा साहित्य, दोहा-काव्य, हिंदी कविता या मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाएँ पढ़ना पसंद करते हैं, तो ‘श्रम-साधक’ आपके पुस्तक-संग्रह का एक मूल्यवान हिस्सा सिद्ध होगी।
| Author | डॉ. सोमनाथ शुक्ल |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-81-69342-78-0 |
| Language | Maithili |
| Pages | 144 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | दोहा |



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