डॉ. प्रीति धनखड़ की ‘प्रारंभिक गृह विज्ञान–I’ गृह विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रमानुकूल, सुव्यवस्थित और व्यावहारिक पाठ्यपुस्तक है। यह पुस्तक IG Meerpur University के प्रथम सेमेस्टर के साथ-साथ Meerpur University, CBLU (चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, MDU (महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय) तथा गुरुग्राम विश्वविद्यालय के निर्धारित पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। पुस्तक की विशेषता यह है कि एक ही स्थान पर गृह विज्ञान की आधारभूत अवधारणाओं से लेकर कला के तत्त्व एवं सिद्धांत, आहार एवं पोषण, प्रोटीन और वसा, टेक्सटाइल फाइबर, बुनाई तथा मानव वृद्धि एवं विकास और प्री-नेटल डेवलपमेंट जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों को सहज और विद्यार्थी-अनुकूल रूप में समाहित किया गया है। विषयों की प्रस्तुति में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक उपयोगिता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे विद्यार्थी अवधारणाओं को समझने के साथ परीक्षा की तैयारी भी व्यवस्थित ढंग से कर सकें। विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की पाठ्यक्रमगत आवश्यकताओं को एक साथ पूरा करने वाली यह पुस्तक B.A./B.Sc. अथवा संबंधित स्नातक पाठ्यक्रमों में गृह विज्ञान के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक उपयोगी संग्रहणीय पुस्तक है। गृह विज्ञान की मजबूत आधारभूमि तैयार करने के इच्छुक प्रत्येक विद्यार्थी के पुस्तकालय में इसका होना अध्ययन को अधिक सहज, क्रमबद्ध और उपयोगी बना सकता है।
| Author | डॉ. प्रीति धनखड़ |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-81-99725-01-0 |
| Language | Hindi |
| Pages | 180 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | टेक्स्ट बुक |



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