‘पर्यावरणीय दोहे’ समकालीन हिन्दी दोहा-साहित्य का एक महत्त्वपूर्ण और उद्देश्यपरक संकलन है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति-संतुलन और मानवीय उत्तरदायित्व जैसे वैश्विक सरोकारों को दोहा छन्द की प्रभावी अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’ के संपादन में प्रकाशित इस संकलन में देश के 120 समकालीन दोहाकारों की पर्यावरण-केन्द्रित रचनाएँ संगृहीत हैं।
पुस्तक इस विचार को रेखांकित करती है कि पर्यावरण केवल पेड़-पौधों, नदियों, पर्वतों और वायु तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हमारी संस्कृति, सभ्यता, अर्थव्यवस्था और जीवन-दृष्टि का आधार है। आज औद्योगीकरण, अंधाधुंध वन-विनाश, जल एवं वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन तथा प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन ने मानव अस्तित्व के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे समय में साहित्य का दायित्व केवल सौन्दर्यबोध तक सीमित न रहकर सामाजिक चेतना का संवाहक बनना भी है। यही उद्देश्य इस संकलन को विशिष्ट बनाता है।
Discount 25%
Books
पर्यावरणीय दोहे / सं. डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’
Original price was: ₹399.00.₹299.00Current price is: ₹299.00.
| Author | सं. डॉ. शैलेष गुप्त वीर |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-81-69342-72-8 |
| Language | Hindi |
| Pages | 136 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | दोहा |



Reviews
There are no reviews yet.