मकड़ी के जाले तथा अन्य लघु नाटक समकालीन जीवन, सामाजिक विसंगतियों, मानवीय संबंधों और बदलते समय की चुनौतियों को केंद्र में रखकर लिखे गए लघु नाटकों का सशक्त संकलन है। राकेश रमण ‘रार’ ने इन नाटकों के माध्यम से समाज में फैले उन अदृश्य जालों को उजागर किया है, जिनमें व्यक्ति, परिवार, व्यवस्था और सामाजिक चेतना निरंतर उलझती जा रही है।
संग्रह का शीर्षक नाटक ‘मकड़ी के जाले’ राजनीति, प्रशासन, उपभोक्तावाद, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और आधुनिक जीवनशैली में व्याप्त जटिलताओं पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत करता है। वहीं ‘हम सब एक हैं’, ‘उठो पार्थ!’, ‘चौदहवीं रात’, ‘पुनर्मूषिको भव’, ‘कम बोलने वाली लड़की’, ‘रोंग नम्बर’ तथा ‘सपने’ जैसे नाटक मानवीय संवेदना, सामाजिक विडम्बनाओं, युवाओं की आकांक्षाओं, महामारी के अनुभवों, रिश्तों की जटिलताओं और ग्रामीण जीवन की आशाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करते हैं।
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मकड़ी के जाले एवं अन्य लघु नाटक / राकेश रमण ‘रार’
Original price was: ₹349.00.₹299.00Current price is: ₹299.00.
| Author | राकेश रमण 'रार' |
|---|---|
| Format | Hardcover |
| ISBN | 978-81-999281-6-9 |
| Language | Hindi |
| Pages | 134 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | नाटक |




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