‘लक्ष्मण रेखा’ कहानी-संग्रह में लेखक ने नारी शोषण को मुख्य विषय बनाया है और इसी विषय के केन्द्रीय विकास के साथ समसामयिक विषयों पर कथा- लघुकथा का सृजन किया है। इसके साथ ही गौर करने पर पता चलता है कि मर्यादा शिष्टाचार, सहनशीलता, प्रेम, बंधुल आदर्श व कर्त्तव्यनिष्ठा भी रचना के सांगोपांग उद्देश्य हैं। लेखन के अपने आमुख में स्पष्ट किया है कि लक्ष्मण रेखा के बहाने मैं आपके सामने कोई आदर्शवाद की लकीर खींचना नहीं चाहता। लेकिन एक वैचारिक कौतुहल पैदा करना, पुनर्विचार की गुंजाईश पैदा करना एक लेखक की जिम्मेदारी तो है ही।
| Author | Ramesh Kumar 'Raman' |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-81-19231-11-9 |
| Language | Hindi |
| Pages | 84 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
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