कह वसंत कर जोड़ / वसंत जमशेदपुरी

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‘कह वसंत कर जोड़’ कुण्डलिया छन्द की उस सशक्त परम्परा का समकालीन विस्तार है, जिसमें काव्य केवल शब्द-सौष्ठव का उपक्रम न होकर जीवन, लोक और समय का साक्ष्य बन जाता है। वसंत जमशेदपुरी ने इस संग्रह में कुण्डलिया को मात्र छन्दानुशासन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनजीवन की धड़कनों, सांस्कृतिक चेतना, मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों का प्रभावी माध्यम बनाया है।
संग्रह की कुण्डलियों में भारतीय संस्कृति का आलोक, प्रकृति का अनुराग, राष्ट्रभाव, किसान की व्यथा, नारी की गरिमा, गुरु-परम्परा का महात्म्य, पारिवारिक आत्मीयता, पर्यावरण-संरक्षण, सामाजिक विद्रूपताओं पर प्रहार तथा अध्यात्म की अंतर्ध्वनि समान रूप से उपस्थित हैं। कवि की भाषा सहज, संप्रेषणीय और लोक-संवेदना से अनुप्राणित है, किन्तु आवश्यकता पड़ने पर तत्सम शब्दावली और काव्यात्मक बिम्ब उसकी अभिव्यक्ति को विशिष्ट गरिमा प्रदान करते हैं।

Author

वसंत जमशेदपुरी

Format

Paperback

ISBN

978-81-998582-3-7

Language

Hindi

Pages

120

Publisher

Shwetwarna Prakashan

Genre

कुण्डलिया

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