जीवन जगत के इस आपाधापी भरे दम घोटू माहौल में कहीं से प्रेम और सद्भावना की बयार का कोई झोंका आता है तो दिलो-दिमाग़ को बहुत सुकून मिलता है। पूनम सिन्हा जी की ग़ज़लों का मूल विषय प्रेम और आपसी सद्भाव है। उन्होंने नारी मन की कोमल भावनाओं और द्वंद को शब्दों की लड़ी में पिरोकर शे’रों में प्रभावी ढंग से व्यक्त किया है। पूनम सिन्हा जी ने पूरे मनोयोग से ग़ज़ल विधा को सीखकर ही इस क्षेत्र में तब्अ आज़माई की है। शिल्प और कथ्य दोनों ही दृष्टि से ये ग़ज़लें प्रभावित करती हैं।
| Author | पूनम सिन्हा 'श्रेयसी' |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-93-49947-38-2 |
| Language | Hindi |
| Pages | 120 |
| Genre | ग़ज़ल |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |



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