‘अधखिले फूल’ धर्मेन्द्र कुमार का प्रथम काव्य-संग्रह है, जिसमें बाल्यावस्था की तुकबंदियों से लेकर किशोर मन की भावगत उथल-पुथल, जीवन-संघर्ष, प्रेम, करुणा, गरीबी, सामाजिक विषमता और मानवीय संवेदना तक की अनेक छवियाँ संकलित हैं।
‘अधखिले फूल’ उन मासूम, उपेक्षित और संघर्षरत जीवनों की कथा है, जो पूरी तरह खिलने से पहले ही परिस्थितियों की आँधी में झुलसने लगते हैं। इस काव्य-संग्रह में कवि की सहज भावुकता, लोक-संवेदना और मानवीय करुणा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यह संग्रह पाठकों को केवल भावुक नहीं करता, बल्कि समाज, मनुष्य और जीवन के प्रश्नों पर पुनर्विचार करने के लिए भी प्रेरित करता है।
| Author | धर्मेन्द्र कुमार |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-81-999281-5-2 |
| Language | Hindi |
| Pages | 112 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | कविता |




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