101 प्रतिनिधि गीतकार / सं. अशोक अंजुम

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‘101 प्रतिनिधि गीतकार’ अशोक अंजुम जी द्वारा सम्पादित देश के प्रमुख गीतकारों के प्रतिनिधि गीतों का संग्रह है। इस पुस्तक में गीतकारों को दो भागों में बांटा गया है- पहले भाग में 3 अगस्त 1886 को जन्मे मैथिली शरण गुप्त से लेकर 21 मार्च 1971 के देवल आशीष तक 38 कीर्तिशेष प्रतिनिधि गीतकार रखे गए हैं। इस खंड में वे गीतकार हैं, जो आज हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन गीत के क्षेत्र में उनकी कीर्ति पताका सदैव फहरती रहेगी। इस किताब में अलीगढ़ से गीत ऋषि पद्मभूषण नीरज अपने प्रसिद्ध गीत “कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे” के साथ उपस्थित हैं, तो वहीं बरेली से गीत के श्रेष्ठ हस्ताक्षर किशन सरोज अपने लोकप्रिय गीत – “नागफनी आंचल में बांध सको तो आना, धागों बिंधे गुलाब हमारे पास नहीं।” से जादू जगा रहे हैं। इस प्रथम खंड में चाहे जयशंकर प्रसाद हों, महादेवी वर्मा, पंत, दिनकर, बच्चन, नेपाली, भारत भूषण, कुंअर बेचैन, किशन सरोज, उर्मिलेश आदि सभी अपने लोकप्रिय गीत के साथ प्रकाशित हुए हैं। दूसरे खंड में वर्तमान गीत पुरोधा हैं। इन गीतकारों की श्रृंखला 5 मार्च 1934 को जन्मे वरिष्ठ गीतकार सोम ठाकुर से प्रारंभहोकर, संतोषानंद, बुद्धिनाथ मिश्र, शिव ओम अंबर, विष्णु सक्सेना, सरिता शर्मा, स्वयं अशोक अंजुम, डॉ. कीर्ति काले आदि से होती हुई 01 मार्च 1993 में जन्मे युवा कवि राहुल शिवाय तक पहुँचती है। इस खंड में 63 गीतकारों को रखा गया है।

Author

सम्पादक – अशोक अंजुम

Format

Paperback

ISBN

978-93-49947-54-2

Language

Hindi

Pages

216

Genre

गीत

Publisher

Shwetwarna Prakashan

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