मैं तुम्हारी कल्पना / कल्पना

249.00

- +
Buy Now
Category: Tag:

कल्पना शर्मा एक युवा ग़ज़लकार हैं। इस नाते से भी कि वे नई पीढ़ी के सोच से परिचित हैं और उनकी अभिव्यक्ति की सीधी पहुँच नई पीढ़ी की नस तक है। यहाँ बोझिल विचारों के लिए कोई जगह नहीं है। यहाँ कहीं-कहीं परंपरावादी ग़ज़लों का सुरूर अवश्य है, लेकिन रंग हर तरफ़ आज का है।
ये ग़ज़लें अपने अल्हड़पन से, अपनी छेड़ से रोमांचित करने में कामयाब हैं। इनमें अपने लहजे से चकित कर देने का सामर्थ्य है। यहाँ ग़ज़लकार परिपक्वता और आभिजात्य के आग्रह के मोह पर अपनी भाषा के लालित्य को वरीयता देता है। शब्दावली में बोलियों वाला अपनापन लगता है। शास्त्रीयता की रस्सी पर चलते हुए अपनी नैसर्गिकता का संतुलन क़ायम रखना बड़ी बात है। ऐसी ही कुछ बड़ी बातें कल्पना शर्मा की शायरी में हैं।
– विजय कुमार स्वर्णकार

Author

कल्पना

Format

Paperback

ISBN

978-93-49947-76-4

Language

Hindi

Pages

112

Genre

ग़ज़ल

Publisher

Shwetwarna Prakashan

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “मैं तुम्हारी कल्पना / कल्पना”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top