मैं सरस गीत गाऊँ बाबा बैद्यनाथ झा के एकल गीतों का छठा संग्रह है। संग्रह में संग्रहित गीतों का विषय-विस्तार और भाव -प्रसार, प्रेरणा और उसके स्रोत का दर्शन तो पाठकों को इन्हें पढ़ने से ही होगा लेकिन इन गीतों को पढ़ते, गुनते, गाते समय पाठकों के मन में उठने वाले भाव और विचार संग्रह के गीतों से ही निर्दिष्ट होंगे। इन्होंने तत्सम्-निष्ठ हिन्दी का प्रयोग कर भाषाई सजगता दिखाई है तो गुण-सम्पन्न भाषा के अपने आग्रह को स्थापित किया है। अपने प्रयोगों से इन्होंने समझा दिया है कि गीतों की सरसता के लिए भाव-पक्ष और कला-पक्ष दोनों ही सशक्त होना आवश्यक है।
| Author | बाबा बैद्यनाथ झा |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-93-49947-60-3 |
| Language | Hindi |
| Pages | 136 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | गीत |



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