जीस्त के रंग’ ज्ञानेन्द्र मोहन ‘ज्ञान’ जी का नवीनतम ग़ज़ल-संग्रह है, जिसमें जीवन अपने पूरे विस्तार, विविध रंगों, अंतर्विरोधों और सूक्ष्म संवेदनाओं के साथ उपस्थित हुआ है। यह संग्रह जीवन को एकांगी दृष्टि से नहीं देखता, बल्कि उसके उजले और धुँधले; दोनों पक्षों को समान ईमानदारी से सामने लाता है। यहाँ संघर्ष है, टूटन है, पीड़ा है, लेकिन साथ ही आशा, विश्वास और परिवर्तन की संभावनाएँ भी मौजूद हैं।
इस संग्रह की ग़ज़लों में प्रेम की अनुभूति भी है, किंतु वह केवल व्यक्तिगत या रोमानी दायरे में सीमित नहीं रहती। यह प्रेम सामाजिक यथार्थ से जुड़ा हुआ, मनुष्य और मनुष्य के बीच की दूरी को पाटने वाला प्रेम है। यहाँ पीड़ा है, पर वह निराशा नहीं रचती; बल्कि जीवन को और अधिक अर्थपूर्ण ढंग से जीने की प्रेरणा देती है।
| Author | ज्ञानेंद्र मोहन ‘ज्ञान’ |
|---|---|
| Format | Hardcover |
| ISBN | 978-81-997250-6-5 |
| Language | Hindi |
| Pages | 68 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | ग़ज़ल |



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