Discount 20%

सोन चिरैया मौन है / सं- रघुविन्द्र यादव – डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’

Original price was: ₹249.00.Current price is: ₹199.00.

- +
Buy Now
Category: Tag:

हमारे देश में पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भारी अभाव है। इसलिए समस्या विकट हो गयी है। लेकिन इतनी विकट भी नहीं है कि इसे सँभाला ही न जा सके। सुप्रसिद्ध प्राइमेटोलॉजिस्ट जेन गुडॉल की मान्यता है, “सौभाग्य से, प्रकृति अद्भुत रूप से लचीली है। जिन स्थानों को हमने नष्ट कर दिया है, उन्हें समय और सहायता मिलने पर, वे फिर से जीवन का समर्थन कर सकती हैं, और लुप्तप्राय प्रजातियों को दूसरा मौका दिया जा सकता है। और ऐसे लोगों, ख़ासकर युवाओं की संख्या बढ़ रही है, जो इन समस्याओं के प्रति जागरूक हैं और हमारे एकमात्र घर, पृथ्वी ग्रह के अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले कि बहुत देर हो जाये, हम सभी को इस लड़ाई में शामिल होना होगा।” वस्तुतः यह हम सब की ज़िम्मेदारी है कि क्षीण होते हुए पर्यावरण को भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध करके सौप सकें। समय को केवल समस्याओं को चिह्नित करने और योजनाएँ बनाने तक ही न सीमित कर दें, बल्कि इस दिशा में समुचित और सार्थक प्रयास करके समस्याओं का निराकरण करने का सोद्देश्य प्रयास किया जाये।
सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. जे. एस. यादव का कथन सत्य प्रतीत होता है, “पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए साझा प्रयास की आवश्यकता है। इसके लिए ज़रूरी है कि आमजन को स्थिति की गम्भीरता के बारे में सूचित किया जाये, ताकि वह समस्या की भयावहता को समझ सके और उसके समाधान का हिस्सा बन सके। खेद का विषय है कि अब तक पर्यावरण ह्रास की चर्चाएँ बुद्धिजीवियों के बाड़े तक ही सीमित रही हैं। गोष्ठियों, भाषणों और परिचर्चाओं आदि के माध्यम से हम उन्हीं लोगों को अवगत करवा रहे हैं, जिन्हें इसके विषय में पहले से ही ज्ञात है।”
आज ज़रूरत इस बात की है कि जनसाधारण तक पर्यावरणीय समस्याएँ और उनके समुचित समाधान की जानकारी पहुँचायी जाये। इसी क्रम में पर्यावरण पर आधारित इस दोहा-संकलन ‘सोनचिरैया मौन है’ के प्रकाशन का निर्णय लिया गया है। देशभर के दोहाकारों ने इसमें अपना रचनात्मक सहयोग किया है।

Author

सं : रघुविन्द्र यादव – डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’

Format

Paperback

ISBN

978-93-49947-07-8

Language

Hindi

Pages

96

Genre

दोहा

Publisher

Shwetwarna Prakashan

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “सोन चिरैया मौन है / सं- रघुविन्द्र यादव – डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top