डॉ. मंजु लता श्रीवास्तव के गीतों की संवेदना सीधे-सीधे सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़ी है। घर से लेकर बाहर तक सर्वजन कल्याण की कामना से इन गीतों के शब्द-शब्द पिरोये हुए हैं। ये दंद-फंद की शहराती दुनिया से दूर आस्तिकता और यथार्थ की छाँव में अठखेलियाँ करते दृष्टिगोचर होते हैं। भाषा में सरलता, सहजता एवं सर्वबोधगम्यता है। पाठक सीधे-सीधे जुड़ जाता है।
| Author | Dr. Manju Lata Shriwastava |
|---|---|
| Format | Hardcover |
| ISBN | 978-93-92617-99-7 |
| Language | Hindi |
| Pages | 128 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |



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