रौशनी के नाम / चयन व सम्पादन : हरेराम समीप

299.00

- +
Buy Now
Category: Tag:

अनिल की ग़ज़लों की ये ख़ासियत है कि ये समाज की वेदना को तो दर्शाती ही हैं, व्यक्ति में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती हैं। इनकी ग़ज़लों में भारतीय मन की आस्था की गूँज है, संघर्षशील स्थितियों में सहारा देने वाला उत्साह है तथा मानवीय अस्मिता को बचाने का संकल्प है।
इन ग़ज़लों में मानवीय संवेदना की सहज अभिव्यक्ति है। अनिल मूल रूप से प्रेम के कवि हैं। लेकिन जब-जब जनता की चेतना को जगाने की आवश्यकता हुई है, कवि ने अपनी ग़ज़लों के माध्यम से क्रांति का जागरणगान भी गाया है। वे जनवादी भावनाओं के सौम्य ग़ज़लकार हैं, ये ग़ज़लें प्रेम और प्रेरणा की राह बनाती प्रतीत होती हैं। सामाजिक सरोकारों के प्रति अनिल काफ़ी सजग दृष्टि रखते हैं। ऐसा लगता है जैसे उनका ग़ज़ल-लेखन आहत संवेदनाओं का प्रतिकार है।

-हरेराम समीप

Author

सम्पादन : हरेराम समीप

Format

Paperback

ISBN

978-93-47306-13-6

Language

Hindi

Pages

128

Genre

ग़ज़ल

Publisher

Shwetwarna Prakashan

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “रौशनी के नाम / चयन व सम्पादन : हरेराम समीप”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top