हमारे देश की साम्प्रदायिकता कई तरह की स्थितियों की उपज है। जाति, धर्म और राजनीति से प्रेरित यह साम्प्रदायिकता स्त्री लेखन के लिए आज एक अनिवार्य मुद्दा है, जिसके लिए हमें कलम की धार निरन्तर तेज़ रखनी होगी।
पुस्तक में जो कहानियाँ संकलित हुई हैं वे धर्मसत्ता, राजसत्ता और पितृसत्ता की कुटिलताओं और क्रूरताओं के प्रति सजग और सतर्क समकालीन स्त्री रचनाकारों के द्वारा लिखी गई हैं। यद्यपि इस सीमित दायरे के बाहर भी कई कहानियाँ हैं जो इसमें शामिल न होकर भी परोक्ष रूप से बराबर की भागीदारी दर्ज़ कर रही हैं।
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रौशनी के दरमियाँ / संपादक : पूनम सिंह
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| Author | एडिटर : पूनम सिंह |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-93-49136-38-0 |
| Language | Hindi |
| Pages | 280 |
| Genre | कहानी |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
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