डॉ. वेद प्रकाश अग्निहोत्री की नई पुस्तक ‘कभी न हिम्मत हारो’ किशोर बच्चों के हितार्थ रचे गये बाल गीतों का अनूठा संग्रह है। कवि ने तरह-तरह के बाल मनोभावों को इसमें स्थान दिया है संग्रह में बच्चों के मन को आनन्दित करने वाले विषय ‘वो! काटी कनकैया’, ‘चूहों की मीटिंग’, ‘मच्छर’, ‘सूरज भैया’, ‘मेला चलो दिखाने’, ‘चिड़िया रानी’, ‘होते पंख हमारे’ आदि उल्लेखनीय हैं, तो बच्चों को संदेश देने वाली रचनाएँ ‘जल को चलो बचाएँ’, ‘पढ़ लो लिख लो प्यारे’, ‘धरती माता’, ‘प्रहरी वीर’, ‘स्वस्थ स्पर्धा’, ‘कभी न हिम्मत हारो’, ‘कब बरसोगे’ भी हैं जिन्हें पढ़ कर उनकी सीखने की प्रवृत्ति में वृद्धि होगी।
कथ्य और शिल्प दोनों ही दृष्टि से संग्रह के गीत उत्कृष्ट हैं। निश्चित ही यह गीत प्रभावित और बाल मन को सम्मोहित करेंगे।
– महेश सक्सेना



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