ओमप्रकाश यती का नाम हिंदी ग़ज़ल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रचनाकार के रूप में लिया जाता है। वास्तविकता और यथार्थ के धरातल से उपजी उनकी ग़ज़लों ने हिन्दी ग़ज़ल को निरंतर समृद्ध किया है। इनकी ग़ज़लों की बुनावट कसी और घनी है। इनका अपना एक डिक्शन है। इनके शब्दों का चयन काफ़ी आम होता है। इनके शब्द चयन में कहीं भी अरबी-फ़ारसी का लालच नज़र नहीं आता। इनका चुनाव आम जनता का चुनाव होता है। इनकी शायरी में नारों का आक्रोश नहीं होता बल्कि विचारों का सुलझाव होता है। इनकी शायरी में एक आन्दोलन नज़र आता है। इनकी भाषा में मंचों की चाटुकारिता नहीं है।
| Author | ओमप्रकाश यती |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-93-49947-31-3 |
| Language | Hindi |
| Pages | 104 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | ग़ज़ल |



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