हिंदी ग़ज़ल : नवागत, नवोन्मेष / ओमप्रकाश यती

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‘हिंदी ग़ज़ल: नवागत, नवोन्मेष’ समकालीन हिंदी ग़ज़ल के नए स्वर, नई संवेदना और नवोन्मेषी प्रवृत्तियों को प्रस्तुत करने वाला संग्रह है। इस पुस्तक में ऐसे ग़ज़लकारों की रचनाओं पर समीक्षात्मक दृष्टि डाली गई है, जिनके संग्रह पिछले एक दशक में प्रकाशित हुए हैं और जिन्होंने ग़ज़ल को नई भाषा, नए बिंब, नए प्रतीक और नए शिल्पगत प्रयोगों से समृद्ध किया है।
यह कृति परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संतुलन का उदाहरण है, जहाँ ग़ज़ल की संरचना और सौंदर्य को सुरक्षित रखते हुए उसमें समकालीन जीवन की पीड़ा, संघर्ष, प्रेम, राजनीति, सामाजिक असमानता, पर्यावरण और मानवीय संवेदना जैसे विषयों को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक न केवल रचनात्मक उत्कृष्टता को उजागर करती है, बल्कि शिल्पगत विश्लेषण और रचनात्मक सुधार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
यह पुस्तक ग़ज़ल प्रेमियों, शोधार्थियों, साहित्यकारों और विद्यार्थियों के लिए समान रूप से उपयोगी पुस्तक है, जो हिंदी ग़ज़ल के वर्तमान परिदृश्य को समझने और उसकी भविष्य की संभावनाओं को पहचानने में सहायक है।

Author

ओमप्रकाश यती

Format

Hardcover

ISBN

978-93-47306-51-8

Language

Hindi

Pages

246

Publisher

Shwetwarna Prakashan

Genre

..

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