पुस्तक ‘घने कोहरे में चाँद खो गया है’ मनोज अहसास की गहन भावनात्मक अनुभूतियों का काव्य-संग्रह है। यह कृति प्रेम, विरह, पीड़ा, असफलताओं और टूटे सपनों की संवेदनशील अभिव्यक्ति है, जहाँ कवि अपने अंतर्मन के सबसे नाज़ुक क्षणों को शब्दों में ढाल देता है।
इन रचनाओं में तकनीकी औपचारिकता से अधिक भावों की सच्चाई, अनुभूति की तीव्रता और आत्मा की पुकार दिखाई देती है। प्रेम के उजले सपनों से लेकर जुदाई की स्याह रातों तक, यह संग्रह पाठक को उस यात्रा पर ले जाता है जहाँ हर कविता दिल का एक ज़ख़्म और हर शेर एक सिसकती हुई कहानी बन जाता है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो दर्द में भी सौंदर्य खोज लेते हैं, जो शब्दों में अपने अनुभवों की परछाईं देखते हैं, और जो कविता को केवल पढ़ते नहीं, बल्कि महसूस करते हैं।
| Author | मनोज अहसास |
|---|---|
| Format | Hardcover |
| ISBN | 978-93-47306-80-8 |
| Language | Hindi |
| Pages | 100 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | कहानी |



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