‘ब्रेन ट्रैपर वामपंथ’ वामपंथी विचारधारा और उसकी यथास्थित का मूल्यांकन करने वाले 21 आलेखों का संग्रह है। लेखक कहते हैं- “एक किशोर या युवा मस्तिष्क अगर किसी विचारधारा से बहुत जल्दी और सर्वाधिक प्रभावित होता है तो वह विचारधारा है–वामपंथी विचारधारा। आख़िर ऐसा क्यों होता है? इस प्रश्न के उत्तर के लिए हमें वामपंथ के जज़्बाती छोरों को छूने के साथ-साथ शरीर क्रिया विज्ञान की भी पड़ताल करनी होगी। वामपंथ सामाजिक साम्य की बातें करता है, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध डटकर खड़ा होने की वकालत करता है, सर्वहारा के उत्थान की बात करता है, जातिमुक्त समाज के निर्माण की बात करता है, स्त्री स्वतंत्रता और स्वच्छंदता की बात करता है, किसान-मज़दूरों के हितों का पैरोकार दिखलाई पड़ता है, युवाओं और छात्रों के उत्थान और उन्हें अवसर देने का हिमायती दिखता है। वामपंथ और भी बहुत सी बातें करता है जिससे एक किशोर मस्तिष्क को यह प्रतीत होता है कि यह लीक से कुछ अलग है, इसमें कुछ नयापन है और बात-बात में ‘क्रांति के लिए जज़्बाती वामपंथी शगल’ हार्मोन परिवर्तन के कारण अपने अस्तित्व को तलाशते किशोरों के आक्रोश को भुनाने में सफ़ल हो जाता है।”
| Author | डॉ. अभिषेक कुमार |
|---|---|
| Format | Paperback |
| ISBN | 978-93-49136-93-9 |
| Language | Hindi |
| Pages | 80 |
| Genre | आलेख |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |



Chandrika nand –
Writer has great potential, hope this book will milestone of his writing, best of luck