‘अक्कड़–बक्कड़, इल्ली–गिल्ली’ प्रसिद्ध ग़ज़लकार, चित्रकार और कवि विज्ञान व्रत द्वारा रचित बाल-कविताओं का एक सरस, लयात्मक और भावपूर्ण संग्रह है। यह पुस्तक बच्चों की दुनिया को उनकी अपनी भाषा, कल्पना और संवेदनाओं के साथ सामने लाती है। रोज़मर्रा के जीवन, प्रकृति, त्योहारों, खेल, सपनों और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े विषयों को सरल शब्दों और मधुर तुकांत में पिरोया गया है, जिससे कविताएँ बच्चों के मन में सहज ही बस जाती हैं।
इस संग्रह की कविताएँ केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि बच्चों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता, प्रकृति-प्रेम और शिक्षा के महत्व से भी परिचित कराती हैं। ‘ग़ुस्सा’, ‘पढ़ो किताब’, ‘देश हमारा’ और ‘होली’ जैसी रचनाएँ बालमन को सोचने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं, वहीं ‘तितली रानी’, ‘बादल’, ‘जुगनू जी’ और ‘सपने’ जैसी कविताएँ कल्पना की उड़ान भरने का अवसर प्रदान करती हैं।
सरल, प्रवाहमयी भाषा, स्पष्ट लय और सजीव चित्रात्मकता इस पुस्तक की विशेष पहचान है। ‘अक्कड़–बक्कड़, इल्ली–गिल्ली’ बच्चों में पढ़ने की रुचि जगाने के साथ-साथ उनकी भाषिक और भावनात्मक समझ को भी समृद्ध करती है। यह संग्रह घर, विद्यालय और पुस्तकालय—तीनों के लिए समान रूप से उपयोगी और संग्रहणीय है।



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