क्या आप प्रकृति की उस अनछुई और रहस्यमयी दुनिया में खो जाना चाहते हैं, जहाँ आधुनिक जीवन का कोलाहल थम जाता है? भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी प्रदीप कुमार द्वारा रचित ‘वनों के मूल’ मात्र एक पुस्तक नहीं, बल्कि घने जंगलों, कलकल बहते झरनों और अनूठे वन्य जीवों के बीच से गुजरने वाली एक जीवंत और रोमांचक यात्रा है।
लेखक ने केवल एक पेशेवर अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति के एक सच्चे उपासक और संवेदनशील कवि के रूप में अपने जीवन के अनुभवों को इस पुस्तक में पिरोया है। यह पुस्तक आपको एशिया के सबसे प्रसिद्ध और घने सारंडा के साल वनों (सात सौ पहाड़ियों की भूमि) और आध्यात्मिक व प्राकृतिक वैभव से परिपूर्ण पारसनाथ के जंगलों की सैर पर ले जाती है।
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| Author | प्रदीप कुमार (आईएफएस) |
|---|---|
| Format | Hardcover |
| ISBN | 978-81-69342-95-7 |
| Language | Hindi |
| Pages | 128 |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |
| Genre | यात्रा-संस्मरण |




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