‘सीपी छन्दालय : लेखनी छन्द की ओर’ समकालीन हिन्दी काव्य में छन्द-विधान को सरल, सुव्यवस्थित और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करने वाली एक महत्वपूर्ण कृति है। कवयित्री खुशबू बरनवाल ‘सीपी’ ने इस पुस्तक में छन्दों की प्राचीन परंपरा को आधुनिक दृष्टि और सहज भाषा के साथ जोड़ते हुए, छन्द-साधना को जटिलता से बाहर निकालकर नवोदित रचनाकारों के लिए सुगम बनाया है।
यह पुस्तक केवल छन्दों का संकलन नहीं, बल्कि छन्द-शिक्षा की एक व्यवस्थित पाठशाला है। इसमें छन्द की परिभाषा, उत्पत्ति, अंग, लघु-गुरु, मात्रा-गणना, गति, यति, तुकान्त और कल-संयोजन जैसे मूलभूत विषयों को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया गया है। साथ ही दोहा, रोला, कुण्डलिया, चौपाई, सवैया, घनाक्षरी, हरिगीतिका, गीतिका सहित विभिन्न अन्य छन्दों का विधान और उनके स्वरचित उदाहरण इस पुस्तक को विशेष बनाते हैं।
लेखिका का अनुभव, अभ्यास और शिल्पगत सजगता हर छन्द में स्पष्ट दिखाई देती है। पुस्तक की भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण और शिक्षणात्मक है, जिससे यह नवांकुरों के लिए मार्गदर्शक तथा अनुभवी रचनाकारों के लिए संदर्भ ग्रंथ के रूप में उपयोगी सिद्ध होती है।
छन्दबद्ध कविता के प्रति रुचि रखने वाले पाठकों, विद्यार्थियों और साहित्य-साधकों के लिए ‘सीपी छन्दालय : लेखनी छन्द की ओर’ एक अनिवार्य, प्रेरक और भरोसेमंद कृति है; जो भाव और विधान के संतुलन के साथ छन्द की ओर ले जाती है।
| Author | खुशबू बरनवाल 'सीपी' |
|---|---|
| ISBN | 978-93-47306-81-5 |
| Language | Hindi |
| Format | Paperback |
| Pages | 112 |
| Genre | आलेख |
| Publisher | Shwetwarna Prakashan |



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