‘आसमान में कितने तारे’ वसंत जमशेदपुरी जी का बाल कविता संग्रह है। वैसे तो बाल कविताएँ और बाल-गीत बहुत सारे कवि लिख रहे हैं और सब की अपनी-अपनी काव्यगत विशेषताएँ भी हैं जो विद्वानों और पाठकों को आकर्षित करती हैं परंतु श्री वसंत जमशेदपुरी जी की बाल कविताएँ कुछ मामलों में विशिष्ट हैं। इनकी ये कविताएँ बालकों का केवल मनोविनोद कर उन्हें शिक्षित ही नहीं करती अपितु उन्हें संस्कारित करने की अर्हता भी रखती हैं। ये भारतीय बच्चों को भारतीयता से जोड़ती हैं और अपनी जड़ों-सनातन मूल्यों से उन्हें संस्कारित करती हैं। ये ‘आलू कचालू बेटा कहाँ गए थे’ की अर्थहीन रोचकता से आगे बढ़ने और मूल्यों की ओर बढ़ने का मंगलाचरण पढ़ती हैं।
-दिव्येंदु त्रिपाठी



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